आदि अंत कोउ जासु न पावा। मति अनुमानि निगम अस गावा॥
बिनु पद चलइ सुनइ बिनु काना। कर बिनु करम करइ बिधि नाना॥
aadi ant kou jasu n pava। mati anumaani nigam as gava॥
binu pad chali suni binu kana। kar binu karam kari bidhi nana॥
-वह (ब्रह्म) बिना ही पैर के चलता है, बिना ही कान के सुनता है, बिना ही हाथ के नाना प्रकार के काम करता है॥
No comments:
Post a Comment